विदेशी फंडिंग एवं आंतरिक सुरक्षा: एक सूक्ष्म संतुलन
विदेशी फंडिंग का तात्पर्य उस पूंजी (धन, प्रतिभूतियों या वस्तुओं) से है, जो विदेशी सरकारों, संस्थाओं या व्यक्तियों द्वारा किसी दूसरे देश के प्राप्तकर्ताओं को हस्तांतरित की जाती है। भारत में, इसे विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA), 2010 द्वारा कड़ाई से विनियमित किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसा धन राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता न करे।
गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) एवं नागरिक समाज पर प्रभाव
- विकास बनाम सुरक्षा का द्वंद्व: गृह मंत्रालय (MHA) की रिपोर्टों के अनुसार, वास्तविक NGO विदेशी धन का उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा और आपदा राहत जैसे जन-कल्याणकारी कार्यों के लिए करते हैं।
- नियामक सख्ती: ....
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