राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का खतरा
दूरसंचार उपकरण, सेमीकंडक्टर और IoT डिवाइस जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद आधुनिक अवसंरचना की रीढ़ बन चुके हैं। किंतु अपारदर्शी आपूर्ति शृंखलाओं के माध्यम से आयातित हार्डवेयर पर अत्यधिक निर्भरता गंभीर कमजोरियाँ उत्पन्न करती है, जिनमें छिपे हुए बैकडोर, जासूसी के जोखिम तथा व्यापक प्रणालीगत व्यवधान की संभावनाएँ शामिल हैं। इस प्रकार विदेशी स्रोतों से प्राप्त हार्डवेयर, सामान्य डिजिटल प्रणालियों को निगरानी और हस्तक्षेप के साधन में परिवर्तित कर सकता है।
समझौता किए गए हार्डवेयर आयात से जोखिम
- हार्डवेयर बैकडोर और दुर्भावनापूर्ण इम्प्लांट: आयातित घटकों में छिपे हुए चिप्स या फर्मवेयर कमजोरियाँ हो सकती हैं, जो दूरस्थ पहुँच और डेटा चोरी को ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs) का खतरा
- 2 उपग्रह युद्ध एवं GPS स्पूफिंग: नौवहन और रक्षा के लिए जोखिम
- 3 अंतरिक्ष शासन एवं वैश्विक मानदंड: संधि-विहीन क्षेत्र में भारत की भूमिका
- 4 उभरते सुरक्षा खतरे एवं कानूनी अंतराल: अद्यतन ढाँचों की आवश्यकता
- 5 राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति: एकीकृत एवं समन्वित सुरक्षा संरचना की अनिवार्यता
- 6 सुरक्षा ढांचे के रूप में IT मध्यवर्ती नियम: डिजिटल प्लेटफॉर्म का विनियमन
- 7 एन्क्रिप्टेड संचार एवं सुरक्षा
- 8 सोशल मीडिया एवं भ्रामक जानकारी
- 9 वन्यजीव एवं संसाधनों की तस्करी
- 10 मानव तस्करी के माध्यम से आतंकवादी नेटवर्क का विस्तार

