तटीय सुरक्षा में समन्वय की चुनौतियाँ
भारत की 11,098.81 किमी लंबी तटरेखा, घना समुद्री यातायात और ऐतिहासिक कमजोरियाँ विशेषकर 26/11 मुंबई अटैक एक सुदृढ़ एवं समन्वित सुरक्षा तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं। यद्यपि समय-समय पर महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं, फिर भी बहु-एजेंसी समन्वय में कमियाँ एक प्रमुख चुनौती बनी हुई हैं।
बहु-एजेंसी ढाँचे की समस्याएँ
- विखंडित संस्थागत भूमिकाएँ: भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक, तटीय पुलिस, सीमा शुल्क और बंदरगाह प्राधिकरणों जैसे अनेक हितधारकों के कारण अधिकार क्षेत्र का ओवरलैप और जिम्मेदारी का बिखराव होता है।
- कमांड एवं नियंत्रण में अंतराल: परिचालन स्तर पर एकीकृत कमांड के अभाव में आपात स्थितियों के दौरान निर्णय लेने में ....
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