क्रिप्टोकरेंसी और धन शोधन
क्रिप्टोकरेंसी ने डिजिटल वित्त के क्षेत्र में नवाचार को सुसाध्य बनाया है, वहीं अपनी छद्म-अनामिकता (Pseudo-anonymous) और सीमाविहीन प्रकृति के कारण इसने धन शोधन (Money Laundering) और आतंकी वित्तपोषण के लिए नए वाहक भी पेश किए हैं। भारतीय एजेंसियां लगातार धोखाधड़ी, रैनसमवेयर और अवैध सीमा पार हस्तांतरण में क्रिप्टो के दुरुपयोग को रेखांकित कर रही हैं।
उभरती तकनीकी चुनौतियां
- छद्म-अनामिकता और स्तरण: वॉलेट एड्रेस (Wallet addresses) पहचान को अस्पष्ट कर देते हैं; “मिक्सर्स” (Mixers) और “टम्बलर्स” (Tumblers) का उपयोग धन के जटिल स्तरण (Layering) को सक्षम बनाता है, जिससे उसकी ट्रैसेबिलिटी (Traceability) बाधित होती है।
- प्राइवेसी कॉइन्स और विकेंद्रीकृत वित्त (DeFi): ....
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