डीपफेक एवं सूचना युद्ध
डीपफेक प्रौद्योगिकी, सूचना युद्ध (Information Warfare) का एक शक्तिशाली साधन बनकर उभरी है, जो बड़े पैमाने पर नैरेटिव (वर्णन) में हेरफेर करने की क्षमता रखती है। भारत जैसे विविध और संवेदनशील सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य में इसका दुरुपयोग आंतरिक सुरक्षा और सामाजिक एकता के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।
खतरे की प्रकृति
- उच्च विश्वसनीयता वाली हेरफेर: AI आधारित उपकरण यथार्थ प्रतीत होने वाले भाषण, घटनाएँ या समर्थन तैयार कर सकते हैं, जिससे प्रामाणिक मीडिया पर विश्वास कमजोर होता है।
- कम लागत, तीव्र प्रसार: सोशल मीडिया और बंद समूहों के माध्यम से सामग्री का वायरल प्रसार, तथ्य-जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया से कहीं तेज़ ....
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संबंधित सामग्री
- 1 मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs) का खतरा
- 2 उपग्रह युद्ध एवं GPS स्पूफिंग: नौवहन और रक्षा के लिए जोखिम
- 3 अंतरिक्ष शासन एवं वैश्विक मानदंड: संधि-विहीन क्षेत्र में भारत की भूमिका
- 4 उभरते सुरक्षा खतरे एवं कानूनी अंतराल: अद्यतन ढाँचों की आवश्यकता
- 5 राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति: एकीकृत एवं समन्वित सुरक्षा संरचना की अनिवार्यता
- 6 सुरक्षा ढांचे के रूप में IT मध्यवर्ती नियम: डिजिटल प्लेटफॉर्म का विनियमन
- 7 एन्क्रिप्टेड संचार एवं सुरक्षा
- 8 सोशल मीडिया एवं भ्रामक जानकारी
- 9 वन्यजीव एवं संसाधनों की तस्करी
- 10 मानव तस्करी के माध्यम से आतंकवादी नेटवर्क का विस्तार
मुख्य विशेष
- 1 भारत के लिए दोहरे मोर्चे की चुनौती
- 2 “पड़ोसी प्रथम” नीति एवं सुरक्षा: साझा भविष्य, साझा सुरक्षा
- 3 सुरक्षा रणनीति के रूप में विकास: एक सुदृढ़ भविष्य का आधार
- 4 छद्म युद्ध एवं बाह्य प्रायोजन: एक अदृश्य रणभूमि
- 5 विदेशी फंडिंग एवं आंतरिक सुरक्षा: एक सूक्ष्म संतुलन
- 6 महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर साइबर हमले: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती
- 7 डेटा उपनिवेशवाद: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक नई चुनौती
- 8 भारत की डिजिटल संप्रभुता: आभासी सीमाओं की सुरक्षा
- 9 रैनसमवेयर: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर संकट
- 10 डार्क वेब एवं साइबर अपराध नेटवर्क: प्रच्छन्न सुरक्षा चुनौती
- 11 क्वांटम कंप्यूटिंग एवं एन्क्रिप्शन के जोखिम: डिजिटल सुरक्षा की नई चुनौती
- 12 राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का खतरा
- 13 साइबर कार्यबल एवं कौशल अंतर
- 14 व्यापक एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली
- 15 अवैध सीमापार प्रवासन के सुरक्षा निहितार्थ
- 16 खुली और बिना बाड़ वाली सीमाओं की सुरक्षा चुनौतियाँ
- 17 मुक्त आवागमन व्यवस्था: पूर्वोत्तर में सुरक्षा चुनौतियां
- 18 सागर सिद्धांत एवं समुद्री सुरक्षा
- 19 द्वीपीय क्षेत्रों की सुरक्षा
- 20 समुद्रतल अवसंरचना की सुरक्षा
- 21 तटीय सुरक्षा में समन्वय की चुनौतियाँ
- 22 डिजिटल कट्टरपंथीकरण एवं युवा
- 23 लोन-वुल्फ आतंकवाद
- 24 समाधान सिद्धांत एवं वामपंथी उग्रवाद (LWE)
- 25 जनजातीय विकास एवं सुरक्षा
- 26 उग्रवाद-पश्चात् सुरक्षा शून्यता
- 27 सुरक्षा उपकरण के रूप में PESA एवं FRA
- 28 क्रिप्टोकरेंसी और धन शोधन
- 29 आतंकी वित्तपोषण के विरुद्ध वैश्विक सहयोग
- 30 FATF एवं आतंकी वित्तपोषण विरोधी तंत्र
- 31 नार्को-आतंकवाद संबंध
- 32 मानव तस्करी के माध्यम से आतंकवादी नेटवर्क का विस्तार
- 33 वन्यजीव एवं संसाधनों की तस्करी
- 34 सोशल मीडिया एवं भ्रामक जानकारी
- 35 एन्क्रिप्टेड संचार एवं सुरक्षा
- 36 सुरक्षा ढांचे के रूप में IT मध्यवर्ती नियम: डिजिटल प्लेटफॉर्म का विनियमन
- 37 राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति: एकीकृत एवं समन्वित सुरक्षा संरचना की अनिवार्यता
- 38 उभरते सुरक्षा खतरे एवं कानूनी अंतराल: अद्यतन ढाँचों की आवश्यकता
- 39 अंतरिक्ष शासन एवं वैश्विक मानदंड: संधि-विहीन क्षेत्र में भारत की भूमिका
- 40 उपग्रह युद्ध एवं GPS स्पूफिंग: नौवहन और रक्षा के लिए जोखिम
- 41 मानवरहित हवाई वाहनों (UAVs) का खतरा

