छद्म युद्ध एवं बाह्य प्रायोजन: एक अदृश्य रणभूमि

छद्म युद्ध (Proxy War) वह स्थिति है, जहाँ कोई देश सीधे सैन्य टकराव के बजाय गैर-राज्य अभिकर्ताओं और गुप्त तरीकों का उपयोग करके अपने प्रतिद्वंद्वी को अस्थिर करने की कोशिश करता है। भारत, विशेष रूप से पाकिस्तान की ओर से निरंतर ऐसे छद्म खतरों का सामना कर रहा है, जो आतंकवाद, कट्टरपंथ और सूचना युद्ध का एक घातक मिश्रण हैं।

गैर-राज्य अभिकर्ताओं की भूमिका

  • राज्य-प्रायोजित आतंकवाद: लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूहों का इस्तेमाल सीमा पार से हमलों (जैसे पठानकोट 2016, पुलवामा 2019) के लिए मोहरों के रूप में किया जाता रहा है।
  • विकेंद्रीकृत आतंकी नेटवर्क: अब संगठित घुसपैठ के बजाय “लोन-वुल्फ” ....

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