समुद्रतल अवसंरचना की सुरक्षा

समुद्रतल अवसंरचना (Undersea Infrastructure), विशेषकर पनडुब्बी संचार केबल एवं अपतटीय ऊर्जा परिसंपत्तियाँ,वैश्विक संपर्क और ऊर्जा सुरक्षा की आधारशिला हैं। भारत के लिए, इन परिसंपत्तियों में व्यवधान राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न करता है, क्योंकि देश समुद्री नेटवर्क पर अत्यधिक निर्भर है।

संचार केबलों से जुड़े जोखिम

  • तोड़फोड़ एवं जासूसी की संवेदनशीलता: समुद्रतल केबल राज्य एवं गैर-राज्य तत्वों द्वारा जानबूझकर क्षति पहुँचाने के लिए संवेदनशील हैं, जिससे डेटा अवरोधन या संचार व्यवधान संभव हो जाता है।
  • सीमित वैकल्पिक व्यवस्था: हिंद महासागर में प्रमुख केबल मार्गों के क्षतिग्रस्त होने से इंटरनेट सेवाएँ बाधित हो सकती हैं और वित्तीय ....

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