सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरे का उपयोग: नवाचार और स्थिरता
प्लास्टिक प्रदूषण की वैश्विक समस्या से निपटने के लिए भारत एक अग्रणी समाधान अपना रहा है—सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरे का उपयोग। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, अब तक भारत में इस तकनीक से 1,00,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जा चुका है और सरकार इस लक्ष्य को दोगुना करने की योजना बना रही है।
मुख्य बिंदु
- नवाचार के जनक: मदुरै के त्यागराजर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्रोफेसर पद्म श्री राजगोपालन वासुदेवन ने इस तकनीक को विकसित किया। उन्होंने बिटुमेन (डामर) के साथ कतरे हुए प्लास्टिक (Shredded Plastic) को मिलाने की विधि खोजी।
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