समान नागरिक संहिता (UCC) और जनजातीय संरक्षण
25 मई 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की कि भारत के सभी आदिवासी समुदाय प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) के दायरे से बाहर रहेंगे। यह निर्णय जनजातीय समुदायों के विशिष्ट संवैधानिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक अधिकारों (जैसे विवाह, उत्तराधिकार) की रक्षा के लिए लिया गया है।
मुख्य बिंदु
- संवैधानिक सुरक्षा: पाँचवीं अनुसूची (10 राज्य) और छठी अनुसूची (AMTM राज्य) के तहत जनजातीय क्षेत्रों को प्राप्त विधायी स्वायत्तता को अक्षुण्ण रखा जाएगा।
- अनुच्छेद 371A और 371G: नागालैंड और मिजोरम जैसे राज्यों में प्रथागत कानूनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
- उत्तराखंड मॉडल: राष्ट्रीय UCC के लिए 2024 के उत्तराखंड मॉडल को आधार बनाया ....
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