सितवे एवं चाबहार बंदरगाह : पड़ोसी देशों में भारत की बंदरगाह विकास परियोजनाओं के रणनीतिक निहितार्थ
हाल ही में, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कलादान नदी पर स्थित सितवे बंदरगाह पर सभी परिचालनों का प्रबंधन करने के लिए 'इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल' (IPGL) के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। IPGL का 100 प्रतिशत स्वामित्व भारत सरकार के बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के पास है। इस प्रकार, भारत ने ईरान में चाबहार बंदरगाह के बाद म्यांमार में सितवे बंदरगाह के संचालन का अधिकार सुरक्षित कर लिया है। विदित है कि हिंद महासागर के रणनीतिक महत्व को देखते हुए चीन एवं भारत के साथ विश्व की विभिन्न शक्तियां इस क्षेत्र में अपने प्रभाव में वृद्धि कर ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बच्चों के लिए डिजिटल सुरक्षा: अधिकार, जोखिम और नियामकीय अंतराल
- 2 ऊर्जा सुरक्षा: भारत का नया रणनीतिक दृष्टिकोण
- 3 भारत की जैव-अर्थव्यवस्था: नवाचार, अवसर और नीतिगत चुनौतियाँ
- 4 शहरी भारत की पुनर्कल्पना: एकीकृत, टिकाऊ और भविष्य-उन्मुख बुनियादी ढांचे की ओर
- 5 लोचशील आपूर्ति शृंखलाएँ: भारत की आर्थिक सुरक्षा का एक सुदृढ़ स्तंभ
- 6 भारत में सुदृढ़ नवाचार पारितंत्र का निर्माण: क्षमताएँ और संरचनात्मक बाधाएँ
- 7 प्रतीकात्मकता से परिवर्तन की ओर: भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी
- 8 भारत में गिग कर्मियों के अधिकार: मान्यता बनाम वास्तविकता
- 9 भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु: नैतिक मुद्दे एवं चुनौतियाँ
- 10 संप्रभु ऊर्जा आत्मनिर्भरता: भारत की रणनीतिक आवश्यकता

