पंचायतों की क्षमता निर्माण से सशक्त होगा ग्रामीण भारत
- संविधान की 11वीं अनुसूची में पंचायती राज संस्थाओं को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजना को तैयार करने एवं लागू करने का दायित्व सौंपा गया है।
- पहला नेतृत्व/प्रबंधन विकास कार्यक्रम 15-19 जनवरी, 2024 तक आईआईएम अहमदाबाद में आयोजित किया गया ....
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संबंधित सामग्री
पत्रिका सार
- 1 कौशल भारत: आगे की राह
- 2 निर्यात के लिए कौशल संवर्धन
- 3 भारत: निवेशकों का एक स्थायी वैश्विक गंतव्य
- 4 भारत के वित्तीय परिदृश्य का कायाकल्प
- 5 भारत के विनिर्माण और व्यापार को बढ़ावा
- 6 वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के कार्यान्वयन को मंजूरी
- 7 महिला नेतृत्व को सशक्त करती पंचायती राज व्यवस्था
- 8 पंचायतों को अंतरण की रूपरेखा: पंचायत अंतरण सूचकांक 2024
- 9 पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण का एक दशक
- 10 सतत ग्रामीण विकास का मार्ग प्रशस्त करती 'स्वामित्व' योजना
- 11 पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से जल प्रबंधन
- 12 विकसित भारत स्वस्थ भारत का संकल्प पूरा करता ICMR
- 13 भारत के भूकंप संभावित क्षेत्र
- 14 प्रवासी पक्षियों को लुभाते भारत के प्रमुख पक्षी विहार
- 15 मोती कृषि (Pearl Farming): भविष्य का उभरता व्यवसाय
- 16 भारत में मधुमेह की बढ़ती चुनौती
- 17 ई-सिगरेट: स्वास्थ्य को खतरा
- 18 वन डे वन जीनोम: बेहतर स्वास्थ्य की एक उत्कृष्ट पहल

