प्रवासी पक्षियों को लुभाते भारत के प्रमुख पक्षी विहार
- विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभयारण्य बिहार राज्य के भागलपुर जिले में स्थित भारत का एकमात्र डॉल्फिन अभ्यारण है।
- यह सुल्तानगंज से कहलगांव तक गंगा नदी के 60 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।
- इसे वर्ष 1951 में विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया था।
- यहां हर साल अक्टूबर से लेकर मार्च तक लाखों की संख्या में सेंट्रल एशिया, मंगोलिया, उत्तर-पश्चिमी यूरोप, साइबेरिया तथा अलास्का से प्रवासी पक्षी आते हैं।
- केवलादेव घाना पक्षी विहार राजस्थान के भरतपुर जिले में अवस्थित है, जिसे भरतपुर पक्षी अभयारण्य के रूप में भी जाना जाता है।
- चिल्का झील भारत के पूर्वी तट पर उड़ीसा ....
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संबंधित सामग्री
पत्रिका सार
- 1 कौशल भारत: आगे की राह
- 2 निर्यात के लिए कौशल संवर्धन
- 3 भारत: निवेशकों का एक स्थायी वैश्विक गंतव्य
- 4 भारत के वित्तीय परिदृश्य का कायाकल्प
- 5 भारत के विनिर्माण और व्यापार को बढ़ावा
- 6 वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के कार्यान्वयन को मंजूरी
- 7 महिला नेतृत्व को सशक्त करती पंचायती राज व्यवस्था
- 8 पंचायतों को अंतरण की रूपरेखा: पंचायत अंतरण सूचकांक 2024
- 9 पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण का एक दशक
- 10 सतत ग्रामीण विकास का मार्ग प्रशस्त करती 'स्वामित्व' योजना
- 11 पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से जल प्रबंधन
- 12 पंचायतों की क्षमता निर्माण से सशक्त होगा ग्रामीण भारत
- 13 विकसित भारत स्वस्थ भारत का संकल्प पूरा करता ICMR
- 14 भारत के भूकंप संभावित क्षेत्र
- 15 मोती कृषि (Pearl Farming): भविष्य का उभरता व्यवसाय
- 16 भारत में मधुमेह की बढ़ती चुनौती
- 17 ई-सिगरेट: स्वास्थ्य को खतरा
- 18 वन डे वन जीनोम: बेहतर स्वास्थ्य की एक उत्कृष्ट पहल

