आरबीआई द्वारा 21 अरब डॉलर की तरलता संचार योजना
हाल ही में, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आर्थिक विकास को समर्थन देने के लिए 21 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की तरलता उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
- इस पहल के अंतर्गत दो खुले बाजार परिचालन (OMOs) खरीद और एक यूएसडी/आईएनआर स्वैप नीलामी को शामिल किया गया है।
तरलता संचार की आवश्यकता
- नवंबर 2024 से बैंकिंग प्रणाली में तरलता की तंगी देखी जा रही है। इसके प्रमुख कारण हैं:
- कर बहिर्वाह (टैक्स आउटफ्लो)
- विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा भारतीय इक्विटी में भारी बिक्री
- विदेशी मुद्रा बाजार में आरबीआई का हस्तक्षेप
- तरलता की पर्याप्त उपलब्धता से ऋण दरों का कुशल क्रियान्वयन, नीतिगत लाभों की प्राप्ति और ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को फोर्टिफाइड चावल कर्नेल का प्रथम निर्यात
- 2 राष्ट्रीय रूपरेखा “डिजी बंदर” का शुभारंभ
- 3 इंडिया मैरीटाइम वीक 2025
- 4 राष्ट्रीय बीज निगम के अत्याधुनिक बीज प्रसंस्करण संयंत्र का उद्घाटन
- 5 सिंटर्ड रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना
- 6 4 महत्त्वपूर्ण खनिजों की रॉयल्टी दरों का युक्तिकरण
- 7 राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव 2025
- 8 वाटरशेड महोत्सव: जल पुनरुद्धार हेतु राष्ट्रीय पहल
- 9 आधार विज़न 2032 : UIDAI की नई रूपरेखा
- 10 शहरी सहकारी ऋण क्षेत्र का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
- 1 ऑनलाइन विज्ञापनों पर इक्वलाइजेशन लेवी को समाप्त करने का प्रस्ताव
- 2 नया क्रेडिट मूल्यांकन मॉडल
- 3 एमएसएमई वर्गीकरण में संशोधन: नए मानदंड
- 4 IRCTC और IRFC को नवरत्न का दर्जा
- 5 अनुसंधान एवं विकास में भारत की प्रगति
- 6 12वां क्षेत्रीय 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी फोरम
- 7 लोक लेखा समिति द्वारा जीएसटी ढांचे की व्यापक समीक्षा की मांग
- 8 भारत के पहले वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब हेतु समझौता
- 9 एनएचएआई द्वारा InvIT मुद्रीकरण पूरा
- 10 राष्ट्रीय सागरमाला शीर्ष समिति (NSAC) की बैठक
- 11 पोषक तत्त्व सब्सिडी योजनाओं का अपर्याप्त वित्तपोषण
- 12 भारत में कोयला उत्पादन की ऐतिहासिक उपलब्धि
- 13 भारत में महत्वपूर्ण खनिजों के लिए पहली अन्वेषण लाइसेंस नीलामी
- 14 भारत की तांबे की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में वैश्विक पहल

