बाह्य वाणिज्यिक उधार

हाल ही में पश्चिम एशिया क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव के कारण हेजिंग लागत (Hedging Costs) बढ़ने से भारत की कई गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियाँ (NBFCs) बाह्य वाणिज्यिक उधार (External Commercial Borrowings–ECBs) के माध्यम से धन जुटाने की अपनी योजनाओं को स्थगित कर रही हैं।

ECBs क्या हैं?

  • बाह्य वाणिज्यिक उधार (ECBs) ऐसे ऋण होते हैं, जो भारत में गैर-निवासी ऋणदाताओं द्वारा विदेशी मुद्रा में भारतीय उधारकर्ताओं को दिए जाते हैं।
  • भारत में इनका व्यापक उपयोग भारतीय कंपनियों (Corporates) एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को विदेशी पूंजी तक पहुँच प्रदान करने के लिए किया जाता है।
  • ECBs के प्रमुख स्रोत
  • वाणिज्यिक बैंक ऋण।
  • खरीदार ....

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