न्यायपालिका हेतु बुनियादी सुविधा विकास योजना
जुलाई, 2021 में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने ‘न्यायपालिका के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास की केंद्र प्रायोजित योजना’ (Centrally Sponsored Scheme for Development of Infrastructure Facilities for Judiciary) को 1 अप्रैल, 2021 से लेकर 31 मार्च, 2026 तक और पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है।
- नोडल मंत्रालयः कानून एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग द्वारा।
- उद्देश्यः न्यायालयों में बुनियादी सुविधाओं का विकास करना।
- योजना परिव्ययः इस पर आने वाली कुल 9,000 करोड़ रुपये की लागत में केन्द्र सरकार की हिस्सेदारी 5,357 करोड़ रुपये की होगी। इसमें ग्राम न्यायालय योजना के लिए आवंटित 50 करोड़ रुपये की राशि भी शामिल है।
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