दलबदल कानून पर अध्यक्ष की शक्तियों की समीक्षा करे संसद
31 जुलाई, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्त्वपूर्ण निर्णय में संसद से संविधान की 10वीं अनुसूची के उन प्रावधानों पर पुनर्विचार करने की सिफ़ारिश की, जो सदन के स्पीकर को दलबदल के आधार पर किसी विधायक की अयोग्यता पर निर्णय लेने का अधिकार प्रदान करते हैं।
- वाद: पादी कौशिक रेड्डी बनाम तेलंगाना राज्य एवं अन्य।
- पीठ: मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई और न्यायमूर्ति ए. जी. मसीह।
निर्णय के मुख्य बिंदु
- लोकतंत्र की बुनियाद को सुरक्षित रखने के लिए संसद को यह तय करना होगा कि दल-बदल-रोधी कानून की वर्तमान व्यवस्था कितनी प्रभावी है, क्योंकि अध्यक्षों की पक्षपातपूर्ण छवि के कारण यह ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें

