जस्टिस वर्मा प्रकरण: नया कानूनी विवाद

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के विरुद्ध गठित संसदीय जांच समिति की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि जस्टिस वर्मा ने अप्रैल 2026 में इस्तीफा दे दिया था और माना जा रहा था कि इससे महाभियोग की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।

मामला क्या है?

वर्ष 2025 में जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास से जली हुई और आंशिक रूप से नष्ट मुद्रा बरामद हुई थी। इसके बाद सर्वोच्च न्यायालय की आंतरिक जांच में उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। 146 से अधिक लोकसभा ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |

पूर्व सदस्य? लॉग इन करें


वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |

संबंधित सामग्री