ट्रायल इन एब्सेंटिया : BNSS का नया प्रावधान
जम्मू की विशेष NIA अदालत ने पहलगाम आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। उसके भारत में पेश होने की संभावना न होने के कारण NIA अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 356 के तहत ट्रायल इन एब्सेंटिया (अनुपस्थिति में मुकदमा) चलाने की मांग कर सकती है।
क्या है ट्रायल इन एब्सेंटिया?
ट्रायल इन एब्सेंटिया वह प्रक्रिया है, जिसमें आरोपी की अनुपस्थिति में भी न्यायालय मुकदमे की सुनवाई पूरी कर निर्णय दे सकता है। यह व्यवस्था केवल उन मामलों में लागू होती है, जहां आरोपी ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रचनात्मक पूर्वन्याय: विवादों के अंतिम समाधान का सिद्धांत
- 2 जून 2026 के घटनाक्रम पर आधारित
- 3 क्रिटिकल मिनरल्स और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण
- 4 भारत में मानव-वन्यजीव संघर्ष
- 5 सेलुलर कृषि और संवर्धित मांस
- 6 भारत का बढ़ता रोग बोझ
- 7 जलवायु परिवर्तन और चुनाव
- 8 मरुस्थलीकरण और सूखे पर G7 घोषणा
- 9 अपशिष्ट जल प्रदूषण से समुद्री संरक्षित क्षेत्रों को खतरा
- 10 UAE का OPEC से बाहर निकलना
राजव्यवस्था एवं शासन
- 1 ‘वंदे मातरम्' को मिलेगा राष्ट्रीय गान जैसा कानूनी संरक्षण
- 2 लद्दाख में स्वायत्त परिषदों का विस्तार
- 3 नागरिकता निर्धारण पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
- 4 न्यायालयों में AI का उपयोग: सुप्रीम कोर्ट का मसौदा विनियमन, 2026
- 5 ECINET का नया नियम: क्या मतदाता पंजीकरण हुआ और कठिन?
- 6 जस्टिस वर्मा प्रकरण: नया कानूनी विवाद
- 7 इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम
- 8 विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन नियम, 2026 अधिसूचित
- 9 PCPNDT अधिनियम में सुधार की आवश्यकता

