भारत की राष्ट्रीय REDD+ रणनीति

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के लिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भारत की राष्ट्रीय Redd + (Reducing Emissions from Deforestation and forest degradation) ‘वनोन्मूलन एवं वन ह्रास से उत्सर्जन में कमी’ रणनीति जारी की गई।

REDD+

  • वनोन्मूलन एवं वन ह्रास द्वारा होने वाले उत्सर्जन में कमी करने के लिए वर्ष 2005 में जलवायु परिवर्तन के लिए संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क संधि (unfccc) द्वारा REDD का प्रस्ताव दिया गया। वर्ष 2008 में इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा खाद्य एवं कृषि संगठन (fao), संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) तथा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की साझेदारी में शुरू किया गया।

प्रमुख तथ्य

  • REDD+ में वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले समस्त पेड़ों तथा वन क्षेत्र से बाहर कृषिवानिकी, शहरी-वानिकी (Urban Forestry) को भी कवर किया जाएगा।
  • REDD+ गतिविधियों को तीन चरणों में क्रियान्वित किया जाएगा। प्रथम चरण में कार्ययोजना, नीति और उपायों तथा क्षमता निर्माण विकास के लिए राष्ट्रीय रणनीति तैयार होगी। द्वितीय चरण में प्रौद्योगिकी विकास तथा राष्ट्रीय नीतियों का क्रियान्वयन किया जाएगा। तृतीय चरण में परिणाम आधारित कार्ययोजना विकसित की जानी है, जो कि पूर्ण रूप से मापा गया तथा सत्यापित हो।
  • भारत को 14 प्राकृतिक भौगोलिक क्षेत्रों- पश्चिमी-हिमालय, पूर्वी-हिमालय, उत्तर-पूर्व, उत्तरी-मैदान, पूर्वी-मैदान, पश्चिमी-मैदान, मध्य उच्च-भूमि, उत्तरी-दक्कन, पूर्वी-दक्कन, दक्षिणी-दक्कन, पश्चिमी-घाट, पूर्वी-घाट, पश्चिमी-तट तथा पूर्वी-तट में विभाजित किया गया है।
  • REDD+ रणनीति में वनोन्मूलन तथा वन ह्रास को रोकने के लिए सभी हित-धारकों तथा स्थानीय समुदायों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय समुदायों को वनों के प्रयोग तथा आजीविका हेतु विकल्प प्रदान करना होगा।
  • REDD+ गतिविधियों को कार्यान्वित करने के लिए जमीनी स्तर से ऊपर सभी स्तरों तक प्रशिक्षित संवर्ग (Cadre) विकसित करना होगा जिससे क्षमता निर्माण किया जा सकेगा साथ ही वन समुदायों में भी संवर्ग (Cadre) निर्माण करना होगा।
  • राष्ट्रीय स्तर पर त्म्क्क़् गतिविधियों के लिए नेशनल गवर्निंग काउंसिल फॉर REDD+ (National Governing Council for REDD+ or NGC-REDD+) तथा प्रत्येक राज्य वन-विभाग में REDD+ गतिविधियों हेतु एक REDD+ प्रकोष्ठ (Cell) बनाया जाएगा।