भूमि संरक्षण एवं प्रजातियों की विलुप्ति पर अध्ययन
- लीड्स विश्वविद्यालय, इंगलैंड के प्रोफेसर जॉन लोवेट सहित 21 वैश्विक जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन के वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में जारी एक अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार, यदि उष्णकटिबंधीय (tropical) क्षेत्रों की 30 प्रतिशत भूमि को संरक्षित कर दिया जाए तो प्रजातियों के विलुप्त होने के खतरे को 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।
|
अध्ययन के प्रमुख बिंदु
|
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सरिस्का बाघ पुनर्वास: विश्व का पहला सफल वैज्ञानिक कार्यक्रम
- 2 दुधवा गैंडा जनगणना 2026
- 3 संयुक्त एफएओ-डब्ल्यूएमओ रिपोर्ट
- 4 बांदीपुर टाइगर रिज़र्व
- 5 हिमालयन पैंगोलिन (Himalayan Pangolin)
- 6 ओमेगा ब्लॉक और यूरोप हीटवेव
- 7 इंडियन ओशन डाइपोल (Indian Ocean Dipole - IOD)
- 8 सिकुड़ता कैस्पियन सागर: कारण और परिणाम
- 9 CITES वनस्पति समिति की 28वीं बैठक (PC28)
- 10 स्वदेशी ग्रीन रेफ्रिजरेंट तकनीक विकसित
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
- 1 कावेरी डेल्टा संरक्षित कृषि क्षेत्र घोषित
- 2 भारत के पक्षियों की स्थिति रिपोर्ट 2020
- 3 अन्टार्कटिका में 20 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज
- 4 शीत-रक्त प्रजातियों की जीवन प्रत्याशा
- 5 आक्रामक विदेशी पौधा प्रजाति का प्रबंधन
- 6 डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा ग्लोबल फ्यूचर्स रिपोर्ट जारी
- 7 केरल सीएफएल पर प्रतिबंध लगाएगा
- 8 कीटनाशकों का पर्यावरण पर प्रभाव
- 9 राष्ट्रीय तटीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और लचीलापन सम्मेलन-2020

