सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे का विकास
- भारत-चीन सीमा के निकट बुनियादी ढाँचे के विकास के लिए गृह मंत्रालय ने सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (Border Area Development Programme- BADP) नामक केंद्र प्रायोजित योजना की 10% धनराशि केवल सीमावर्ती परियोजनाओं पर खर्च करने का निर्णय लिया है।
- वित्त वर्ष 2020-21 के लिए बीएडीपी योजना के तहत 784 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह धन सीमावर्ती राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UT) में अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई तथा जनसंख्या जैसे विभिन्न मानदंडों के आधार पर वितरित किया गया है।
- महत्व: सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का निर्माण इन क्षेत्रों को हिंटरलैंड के साथ एकीकृत करने में मदद करेगा तथा ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 विधानसभा चुनाव 2026 : एक विश्लेषण
- 2 असम कैबिनेट द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी
- 3 आयुष अनुदान पोर्टल: आयुष ग्रिड पहल के तहत एक नई शुरुआत
- 4 भारत का पहला राष्ट्रीय AI और डिजिटल जल शिखर सम्मेलन
- 5 स्वस्थ भारत पोर्टल: डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति का एकीकरण
- 6 सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरे का उपयोग: नवाचार और स्थिरता
- 7 मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) - तीसरा चरण
- 8 समान नागरिक संहिता (UCC) और जनजातीय संरक्षण
- 9 भारत की कुल प्रजनन दर (TFR): प्रतिस्थापन स्तर से नीचे की गिरावट
- 10 तेलंगाना में महिला संचालित सौर ऊर्जा संयंत्र

