सहकारी बैंकों में मुख्य जोखिम अधिकारी की नियुक्ति
- भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हाल ही में यह निर्णय लिया गया है कि 5000 करोड़ रुपये या उससे अधिक के आस्ति आकार (asset size) वाले सभी शहरी सहकारी बैंक एक मुख्य जोखिम अधिकारी (Chief Risk Officer- CRO) की नियुक्ति करेंगे।
- सीआरओ निरंतर आधार पर सभी प्रकार के जोखिमों की पहचान करने, मापने और निगरानी करने में सक्षम एक एकीकृत जोखिम प्रबंधन प्रणाली स्थापित करने में बोर्ड की सहायता करेंगे। सीआरओ जोखिमों की वास्तविक निगरानी और शमन में भी शामिल होंगे।
- आवश्यकता: व्यवसाय के बढ़ते आकार और दायरे के साथ शहरी सहकारी बैंक (UCBs) धीरे-धीरे अधिक जोखिम के संपर्क में आ ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रुपये का अवमूल्यन: कारण, प्रभाव एवं RBI की भूमिका
- 2 MSCI रीबैलेंसिंग और भारतीय शेयर बाजार पर इसका प्रभाव
- 3 WPI से PPI: आर्थिक आँकड़ों की नई परिभाषा
- 4 सरकारी बॉन्ड में विदेशी निवेशकों को कर छूट
- 5 आरबीआई की मौद्रिक नीति: रेपो दर 5.25% पर बरकरार
- 6 FCNR(B) जमा योजना: विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने की RBI की नई पहल
- 7 रिकॉर्ड रेमिटेंस: प्रवासी भारतीयों से भारत को 110 अरब डॉलर
- 8 सकल FDI बनाम शुद्ध FDI
- 9 सेबी के नए सुधार: पूंजी बाज़ार को मिलेगी नई गति
- 10 आरबीआई का रिकॉर्ड अधिशेष हस्तांतरण

