धन प्रेषण में भारत शीर्ष पर
विश्व बैंक ने 8 दिसंबर, 2018 को प्रवासन और विकास संक्षिप्त (Migration and Development Brief) नाम से एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट के अनुसार निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों में तेजी के साथ धन प्रेषण (Remittances) बढ़ा है और इसके वर्ष 2018 में एक नए रिकॉर्ड तक पहुंचने का अनुमान है।
|
संपादकीय ... धन प्रेषण का भविष्य तेल की कीमतों और प्रवासन नीति के प्रतिबन्ध और आर्थिक वृद्धि पर निर्धारित होता है। धन प्रेषण के बढ़ने से सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में सहयोग मिलता है। भारत धन प्रेषण के मामले में शीर्ष पर है .... |
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी
- 2 Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द: RBI की बड़ी कार्रवाई
- 3 सेवा क्षेत्र को मापने के लिए नया सेवा उत्पादन सूचकांक
- 4 RBI का नया एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस ढांचा: बैंकों में बड़ा बदलाव
- 5 जल-ऊर्जा-खाद्य संकट: भारत के लिए बढ़ती चुनौती
- 6 विदेशी मुद्रा संकट और भारत की मितव्ययिता नीति
- 7 भारत द्वारा सोना एवं चांदी पर आयात शुल्क वृद्धि
- 8 चीनी निर्यात प्रतिबंध : खाद्य सुरक्षा और मुद्रास्फीति प्रबंधन की उभरती चुनौतियाँ
- 9 बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें – भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
- 10 भारत का FDI परिदृश्य 2025-26 : पूंजी पुनर्प्रत्यावर्तन और बाह्य क्षेत्रीय दबाव
- 1 भारत एक बंद या खुली अर्थव्यवस्था?
- 2 वैश्विक ऋण भार में बढ़ोत्तरी
- 3 मुक्त व्यापार समझौता बनाम भारत
- 4 संवहनीय समुद्री अर्थव्यवस्था सम्मलेन 2018
- 5 स्टेट्स स्टार्ट-अप रैंकिंग 2018
- 6 सागरमाला कार्यक्रम के तहत कोस्टल इकोनॉमिक जोन का विकास
- 7 रिजर्व बैंक का आरक्षित अनुपात ऊंचा
- 8 कृषि निर्यात नीति, 2018
- 9 ISARC
- 10 प्याज किसानों हेतु निर्यात प्रोत्साहन दोगुना
- 11 विनिवेश से 78 करोड़ रुपए का एकत्रण

