CRISPR टेक्नोलॉजी
हाल ही में चीन के एक शोधकर्ता ने दुनिया में पहली बार जेनेटिकली मोडिफाइड यानी डिजाइनर बेबी के जन्म लेने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2018 को जन्मी जुड़वा बच्चियों के डीएनए में बदलाव के लिए ‘क्रिस्पर तकनीक’ (CRISPR Technology) का इस्तेमाल किया गया। उनका यह भी मानना है कि डिजाइनर बेबी एचआईवी, एड्स से पीडि़त नहीं होगी।
अगर ये शोध सही साबित हुआ तो भविष्य में ऐसे बच्चों को जन्म दिया जा सकेगा जिसकी आंख, बाल, त्वचा और अन्य खूबियों का चयन खुद उसके माता-पिता कर सकेंगे।
जीन और जीन एडिटिंग क्या है?
जीन- जीन आनुवांशिकता की मूलभूत इकाई ....
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