नाविक
17 दिसंबर, 2018 को तमिलनाडु सरकार ने मछुआरों के 80 समूहों को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा विकसित उपग्रह आधारित संचार उपकरण दिये जिससे नाविक समय-समय पर चक्रवात एवं मौसम संबंधी अपडेट से अवगत होते रहेंगे। इस उपकरण का नाम नाविक (NAVIC) रखा गया है।
|
नाविक क्या है?
|
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 बुढ़ापा और स्टेम कोशिकाएं
- 2 WHO फार्माकोविजिलेंस में भारत की वैश्विक छलांग
- 3 DRDO द्वारा स्क्रैमजेट इंजन का सफल परीक्षण
- 4 ‘डिसोबिंड’ AI
- 5 ISRO के PSLV-C62 मिशन में तकनीकी गड़बड़ी
- 6 ध्रुव न्यू जेनरेशन (Dhruv-NG) हेलीकॉप्टर
- 7 PARAM शक्ति सुपरकंप्यूटर
- 8 IIT मद्रास द्वारा रैमजेट-संचालित आर्टिलरी का विकास
- 9 अल्ट्रा-कोल्ड एटम
- 10 चीन के EAST रिएक्टर ने परमाणु संलयन में नया कीर्तिमान स्थापित किया
- 1 संचार उपग्रह जीसैट-11 का सफल प्रक्षेपण
- 2 मिशन गगनयान
- 3 जीसैट-7A का सफल प्रक्षेपण
- 4 चांगई 4 मिशन
- 5 बेन्नु क्षुद्रग्रह पर जल के अणुओं की खोज
- 6 CRISPR टेक्नोलॉजी
- 7 राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन
- 8 चार मेडिकल उपकरण दवा की श्रेणी में शामिल
- 9 डेंगू वायरस के लिए जिम्मेदार प्रोटीन की खोज : नवीन शोध
- 10 ग्राफीन
- 11 वर्ष 2018 में विज्ञान के क्षेत्र में भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धियां

