वैश्विक शरणार्थी संकट एवं यूएन अभिसमय
विश्व के शरणार्थियों का उत्पीड़न और संघर्ष निरंतर जारी है। वैश्विक मंचों के माध्यम से इनके जीवन को बचाने, अधिकारों की रक्षा और जिम्मेदारी को साझा करने की तत्काल आवश्यकता है।
- संयुक्त राष्ट्र के अनुसार वर्ष 2018 के अंत तक दुनिया उच्चतम स्तर के विस्थापन का गवाह बनी जहां संघर्ष और उत्पीड़न के कारण 70.8 मिलियन लोगों को अपने घर से विस्थापित होने के लिए विवश होना पड़ा।
- इनमें से लगभग 30 मिलियन शरणार्थी हैं जिनके आधे 18 व्यक्ति वर्ष से कम आयु के हैं। लाखों लोग ऐसे भी हैं जिन्हें राष्ट्रीयता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार और आंदोलन की स्वतंत्रता ....
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