कृत्रिम बुद्धिमत्ता: भारत की उभरती आधारभूत सार्वजनिक उपयोगिता

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नीति आयोग के अनुसार, जिस प्रकार बिजली, सड़क, स्वच्छ जल और दूरसंचार आधारभूत ढांचा हैं, उसी प्रकार कंप्यूटिंग क्षमता ,ओपन डेटासेट और स्वदेशी आधारभूत एआई मॉडल भी सार्वजनिक वस्तु के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।

डिजिटल युग में तकनीक केवल आर्थिक विकास का साधन न होकर सामाजिक न्याय, प्रशासनिक दक्षता और राष्ट्रीय सुरक्षा का प्रमुख आधार बन चुकी है। भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के क्षेत्र में आधार (डिजिटल पहचान), यूपीआई (डिजिटल भुगतान) और डीईपीए/एकाउंट एग्रीगेटर (डेटा साझाकरण) के अभिसरण से विश्व का सबसे व्यापक और स्केलेबल मॉडल स्थापित किया है। एस्टोनिया, ब्राजील, सिंगापुर और यूरोपीय संघ के ....

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