भारत में गैर-संचारी रोगों का बढ़ता बोझ : एक निवारक और सुदृढ़ स्वास्थ्य पारितंत्र की आवश्यकता - आलोक सिंह

भारत अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य परिदृश्य में एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहाँ हृदय-वाहिकीय रोग, मधुमेह, कैंसर और दीर्घकालिक श्वसन विकार जैसे गैर-संचारी रोग (NCDs) तेजी से देश के कुल रोग-भार का प्रमुख हिस्सा बनते जा रहे हैं। तीव्र शहरीकरण, बदलती जीवन-शैली, बढ़ते पर्यावरणीय जोखिम और वृद्ध होती जनसंख्या इस परिवर्तन को और अधिक तीव्र बना रहे हैं। ऐसी स्थिति में गैर-संचारी रोगों की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था को रोग-निवारण पर केंद्रित तथा अधिक सुदृढ़ स्वास्थ्य तंत्र की दिशा में निर्णायक रूप से रूपांतरित करना अनिवार्य हो गया है।

गैर-संचारी रोग 21वीं सदी की सबसे ....

क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें

वार्षिक सदस्यता लें मात्र 600 में और पाएं...
पत्रिका की मासिक सामग्री, साथ ही पत्रिका में 2018 से अब तक प्रकाशित सामग्री।
प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा पर अध्ययन सामग्री, मॉक टेस्ट पेपर, हल प्रश्न-पत्र आदि।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित चुनिंदा पुस्तकों का ई-संस्करण।
पप्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के चुनिंदा विषयों पर वीडियो क्लासेज़।
क्रॉनिकल द्वारा प्रकाशित पुस्तकों पर अतिरिक्त छूट।
आलेख