स्वतंत्र निदेशकों का डेटाबैंक
- कंपनी अधिनियम के तहत स्वतंत्र निदेशकों के कामकाज को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कॉरपोरेट मंत्रलय ने कंपनी अधिनियम 2013 के प्रावधानों तथा उसके अंतर्गत बनाए जाने वाले नियमों के मद्देनजर 2 दिसंबर, 2019 को नई दिल्ली में स्वतंत्र निदेशकों का डेटाबैंक शुरू किया।
- यह मंत्रलय द्वारा उठाया जाने वाला एक अभूतपूर्व कदम है, जिस पर मौजूदा स्वतंत्र निदेशकों तथा स्वतंत्र निदेशक बनने के आकांक्षियों को पंजीकरण कराने की सुविधा उपलब्ध होगी।
- इस डेटाबैंक के जरिए वे कंपनियां भी अपना पंजीकरण करा सकती हैं, जो सही कौशल रखने वाले व्यक्तियों को चुनने और उनसे जुड़ना चाहती हैं, ताकि उन व्यक्तियों को स्वतंत्र ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना
- 2 TReDS: MSMEs के लिए कार्यशील पूँजी का सशक्त माध्यम
- 3 कमला जलविद्युत परियोजना
- 4 राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम
- 5 गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस
- 6 अवसंरचना क्षेत्र के प्रदर्शन निगरानी हेतु एकीकृत डैशबोर्ड
- 7 पश्चिमी समर्पित माल गलियारा
- 8 ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट
- 9 शोंगटोंग-कड़छम जलविद्युत परियोजना
- 10 राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण एवं विकास ट्रस्ट
- 1 ऑपरेशन ट्विस्ट की तर्ज पर ओपन मार्केट ऑपरेशन
- 2 लघु वित्त बैंकों की लाइसेंसिंग के अंतिम दिशानिर्देश
- 3 एनईएफटी सुविधा अब 24×7
- 4 चेन्नई में कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण
- 5 एमएसएमई की ब्याज छूट योजना
- 6 देश का पहला कॉरपोरेट बॉन्ड ईटीएफ
- 7 अवसंरचना निवेश ट्रस्ट की स्थापना को मंजूरी
- 8 अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण अधिनियम, 2019
- 9 सीएलएसएस आवास पोर्टल

