उत्तर प्रदेश
‘वरासत’ अभियान
- उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 दिसंबर, 2020 को ग्रामीण क्षेत्रें में संपत्ति और जमीन से जुड़े विवादों पर काबू पाने के लिए एक विशेष अभियान ‘वरासत’ शुरू किया है।
- उद्देश्यः जमीन और संपत्ति की ‘वरासत’ के नाम पर ग्रामीण लोगों के शोषण को रोकना।
- प्रदेश में निर्विवाद उत्तराधिकार को खतौनियों में दर्ज कराने के लिए प्रदेश के समस्त ग्रामों में यह अभियान शुरू किया गया है।
- ग्रामीण क्षेत्रें में जमीन से जुड़े मुद्दों का समाधान करने के लिए यह अपनी तरह का पहला अभियान है।
- व्यवस्था के तहत लोगों को ‘वरासत’ के पंजीकरण के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 कीई पन्योर बनेगा भारत का पहला ‘बायो-हैप्पी जिला’
- 2 गोवा को मिलेगा तीसरा जिला
- 3 हिमाचल प्रदेश में MSME टेक्नोलॉजी सेंटर्स की स्थापना को मंज़ूरी
- 4 देश की पहली समर्पित “डीप टेक पॉलिसी”
- 5 संस्कार शाला
- 6 रायपुर में APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय
- 7 भारत की पहली पूर्णतः पेपरलेस न्यायालय प्रणाली
- 8 केरल को मिला अपना पहला तितली अभयारण्य: अरालम
- 9 बैसिलस सबटिलिस केरल का “राज्य सूक्ष्म जीव”
- 10 गुजरात को पुनः टाइगर स्टेट की मान्यता प्राप्त हुई

