ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया-ओसीआई
- कर्नाटक उच्च न्यायालय ने हाल ही में राज्य सरकार को निर्देश दिया कि 'विदेश में स्थित भारतीय नागरिकों' (Overseas Citizens of India-OCI) को स्नातक स्तरीय व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए एनआरआई कोटे के अतिरिक्त संस्थागत एवं सरकारी कोटा के तहत भी प्रवेश दिया जाए।
- उच्च न्यायालय ने कहा कि 'विदेश में स्थित भारतीय नागरिकों' (OCI) की श्रेणी वाले प्रवासी भारतीय छात्रों को पेशेवर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए "भारत का नागरिक" माना जाना चाहिए।
- इस प्रकार न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना तथा न्यायमूर्ति एन.एस. संजय गौड़ा की पीठ ने अप्रैल 2019 के अपने एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ सरकार द्वारा दायर अपील को खारिज ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 विधानसभा चुनाव 2026 : एक विश्लेषण
- 2 असम कैबिनेट द्वारा समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को मंजूरी
- 3 आयुष अनुदान पोर्टल: आयुष ग्रिड पहल के तहत एक नई शुरुआत
- 4 भारत का पहला राष्ट्रीय AI और डिजिटल जल शिखर सम्मेलन
- 5 स्वस्थ भारत पोर्टल: डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति का एकीकरण
- 6 सड़क निर्माण में प्लास्टिक कचरे का उपयोग: नवाचार और स्थिरता
- 7 मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) - तीसरा चरण
- 8 समान नागरिक संहिता (UCC) और जनजातीय संरक्षण
- 9 भारत की कुल प्रजनन दर (TFR): प्रतिस्थापन स्तर से नीचे की गिरावट
- 10 तेलंगाना में महिला संचालित सौर ऊर्जा संयंत्र

