वायुमंडल और जलवायु अनुसंधान-मॉडलिंग प्रेक्षण प्रणाली एवं सेवाओं की समग्र योजना
हाल ही में, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने "वायुमंडल और जलवायु अनुसंधान-मॉडलिंग प्रेक्षण प्रणाली एवं सेवाओं" (Atmosphere & Climate Research&Modelling Observing Systems & Services - ACROSS) की समग्र योजना को जारी रखने को अपनी मंजूरी दे दी है। अब यह अगले पांच साल अर्थात 2021-2026 तक जारी रहेगा।
मुख्य बिंदु
एक्रॉस की समग्र योजना के अंतर्गत कुल 2,135 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना व्यक्त की गई है।
- यह योजना पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) द्वारा निम्नलिखित संस्थानों के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है-
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD),
- राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (NCMRWF),
- भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 ब्लाइंड सबटेरेनियन मछली की नई प्रजाति की खोज
- 2 अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) स्थापना दिवस
- 3 जलवायु परिवर्तन का नीलगिरि वुड पिजन पर खतरा
- 4 मेगामलाई वन्यजीव अभयारण्य में 9 नई प्रजातियों की खोज
- 5 पश्चिमी घाट में दुर्लभ ‘अर्ध नर-अर्ध मादा’ केकड़े की खोज
- 6 पाकिस्तान दुनिया का सबसे प्रदूषित देश: IQAir रिपोर्ट
- 7 चंबल नदी प्रवाह पर CWC की सिफारिशें माँगी गईं
- 8 अघनाशिनी-वेदावती नदी-लिंकिंग परियोजना पर यूनेस्को की एडवाइजरी
- 9 स्टेट ऑफ इंडियाज़ एनवायरमेंट 2026, रिपोर्ट
- 10 WMO रिपोर्ट: पृथ्वी के 'ऊर्जा असंतुलन' में रिकॉर्ड वृद्धि

