अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा संघर्ष : दूरगामी शांति स्थापना हेतु परस्पर विश्वास एवं सहभागिता आवश्यक
दिसंबर 2022 में अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर के ऊपरी भाग में स्थित यांग्त्से क्षेत्र (Yangtse Region) में भारत तथा चीन के मध्य सैनिक झड़प देखने को मिली। यह जून 2020 में पूर्वी लद्दाख में स्थित गलवान घाटी में दोनों देशों के मध्य आपसी संघर्ष के पश्चात दूसरी सबसे बड़ी संघर्ष की घटना है।
- तवांग सेक्टर में हुई हिंसा की यह घटना उत्तराखंड के औली में भारत और अमेरिका के मध्य आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास पर चीन द्वारा आपत्ति दर्ज कराने के कुछ दिनों के पश्चात हुई है। चीन द्वारा यह दावा किया गया कि यह युद्ध-अभ्यास दोनों देशों के मध्य ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 मणिपुर में जनगणना स्थगन, NRC और परिसीमन का विवाद
- 2 IBC में ‘डीप हेयरकट’ और ऋणदाताओं की चिंता
- 3 भारत के कपड़ा उद्योग का हरित भविष्य
- 4 स्कूलों में जनरेटिव एआई : प्रतिबंध, विनियमन या एकीकरण?
- 5 भारत का अनुसंधान विरोधाभास: मात्रा से वास्तविक दुनिया के प्रभाव तक
- 6 जंगल की आग और मानव स्वास्थ्य: एक बढ़ता वैश्विक और राष्ट्रीय संकट
- 7 स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के लिए भारत में 'ग्रिड क्रांति' की आवश्यकता
- 8 समावेशी 'ब्लू इकोनॉमी' और तटीय विरासत का पुनरुद्धार
- 9 शांति अधिनियम (SHANTI Act): भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजीकरण और परमाणु दायित्व व्यवस्था में बदलाव
- 10 कावेरी जल विवाद: संकट के दौर में जल-बंटवारे की नई चुनौती

