भारत में बागवानी क्षेत्रः वर्तमान स्थिति, विकास की संभावनाएं तथा प्रयास
30 नवंबर, 2022 को ‘बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम’ (Horticulture Cluster Development Programme) के समुचित क्रियान्वयन के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया।
- ‘बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम’ का शुभारंभ 31 मई, 2021 को किया गया था। इसके उद्देश्यों में लक्षित फसलों के निर्यात में सुधार करना, क्लस्टर फसलों की प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि हेतु क्लस्टर-विशिष्ट ब्रांड को स्थापित करना तथा देश में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्रदान करके उनकी आय में वृद्धि करना शामिल है।
- विशाल कृषि क्षेत्र तथा बागवानी फसलों के ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 मणिपुर में जनगणना स्थगन, NRC और परिसीमन का विवाद
- 2 IBC में ‘डीप हेयरकट’ और ऋणदाताओं की चिंता
- 3 भारत के कपड़ा उद्योग का हरित भविष्य
- 4 स्कूलों में जनरेटिव एआई : प्रतिबंध, विनियमन या एकीकरण?
- 5 भारत का अनुसंधान विरोधाभास: मात्रा से वास्तविक दुनिया के प्रभाव तक
- 6 जंगल की आग और मानव स्वास्थ्य: एक बढ़ता वैश्विक और राष्ट्रीय संकट
- 7 स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण के लिए भारत में 'ग्रिड क्रांति' की आवश्यकता
- 8 समावेशी 'ब्लू इकोनॉमी' और तटीय विरासत का पुनरुद्धार
- 9 शांति अधिनियम (SHANTI Act): भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजीकरण और परमाणु दायित्व व्यवस्था में बदलाव
- 10 कावेरी जल विवाद: संकट के दौर में जल-बंटवारे की नई चुनौती

