बहु-राज्य सहकारी समितियां (संशोधान) विधोयक, 2022
7 दिसंबर, 2022 को बहु-राज्य सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक, 2022 [Multi-State Co-operative Societies (Amendment) Bill] 2022º को लोक सभा में पेश किया गया तथा 20 दिसंबर, 2022 को इसे संसद की संयुक्त समिति के पास विचारार्थ भेज दिया गया।
- विधेयक में 2011 के 97वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के आलोक में ‘बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002’ को संशोधित करने का प्रस्ताव किया गया है।
- वर्ष 2021 में केंद्र सरकार द्वारा पृथक रूप से एक केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया, पूर्व में इसके शासनादेशों की देख-रेख कृषि मंत्रालय द्वारा की जाती थी।
सहकारी समितियों के संदर्भ में
- परिभाषाः अंतरराष्ट्रीय सहकारिता गठबंधन ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रुपये का अवमूल्यन: कारण, प्रभाव एवं RBI की भूमिका
- 2 MSCI रीबैलेंसिंग और भारतीय शेयर बाजार पर इसका प्रभाव
- 3 WPI से PPI: आर्थिक आँकड़ों की नई परिभाषा
- 4 सरकारी बॉन्ड में विदेशी निवेशकों को कर छूट
- 5 आरबीआई की मौद्रिक नीति: रेपो दर 5.25% पर बरकरार
- 6 FCNR(B) जमा योजना: विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने की RBI की नई पहल
- 7 रिकॉर्ड रेमिटेंस: प्रवासी भारतीयों से भारत को 110 अरब डॉलर
- 8 सकल FDI बनाम शुद्ध FDI
- 9 सेबी के नए सुधार: पूंजी बाज़ार को मिलेगी नई गति
- 10 आरबीआई का रिकॉर्ड अधिशेष हस्तांतरण

