राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022
28 दिसंबर, 2022 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Science and Technology) द्वारा राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 (National Geospatial Policy 2022) अधिसूचित की गई। इस नीति को 16 दिसंबर, 2022 को कैबिनेट की मंजूरी प्राप्त हुई थी।
नीति की प्रमुख विशेषताएं
- यह एक 13 वर्षीय दिशानिर्देश है, जिसका उद्देश्य देश के भू-स्थानिक डेटा उद्योग को बढ़ावा देना और नागरिक सेवाओं में सुधार एवं उपयोग हेतु एक राष्ट्रीय ढांचे का विकास करना (To Develop National Framework) है।
- यह नीति वर्ष 2030 तक संपूर्ण देश के लिए एक हाई रेजोल्यूशन स्थलाकृतिक सर्वेक्षण एवं मैपिंग (High Resolution Topographic Survey - Mapping) तथा ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 रुपये का अवमूल्यन: कारण, प्रभाव एवं RBI की भूमिका
- 2 MSCI रीबैलेंसिंग और भारतीय शेयर बाजार पर इसका प्रभाव
- 3 WPI से PPI: आर्थिक आँकड़ों की नई परिभाषा
- 4 सरकारी बॉन्ड में विदेशी निवेशकों को कर छूट
- 5 आरबीआई की मौद्रिक नीति: रेपो दर 5.25% पर बरकरार
- 6 FCNR(B) जमा योजना: विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने की RBI की नई पहल
- 7 रिकॉर्ड रेमिटेंस: प्रवासी भारतीयों से भारत को 110 अरब डॉलर
- 8 सकल FDI बनाम शुद्ध FDI
- 9 सेबी के नए सुधार: पूंजी बाज़ार को मिलेगी नई गति
- 10 आरबीआई का रिकॉर्ड अधिशेष हस्तांतरण

