अवनि बाघिन की मौत व मानव- वन्यजीव संघर्ष
- महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में आतंक का पर्याय बन चुकी आदमखोर बाघिन अवनि को 2 नवंबर को मार गिराया गया। अवनि को आधिकारिक रूप से टी-1 (T-1) के नाम से जाना जाता था। आदमखोर होने के बावजूद बाघिन को मारने के बाद से ही इसका विरोध हो रहा है। वन्यजीव कार्यकर्ताओं का मानना है कि इसे मारने से पहले पकड़ने के समुचित प्रयास नहीं किए गए।
पृष्ठभूमि
- 1 जून, 2016 से इस बाघिन ने 14 लोगों की जान ली थी। इसी वर्ष 29 जनवरी को बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए बाघिन टी-1 को ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 चंबल नदी में घटता प्रवाह डॉल्फिन आवास के लिए खतरा
- 2 असम में “बेंट-टोड गेको” की नई प्रजाति की खोज
- 3 भारत का पहला वॉटर न्यूट्रल कोचिंग डिपो
- 4 भारत का प्रथम राष्ट्रीय चमगादड़ आकलन
- 5 भारतीय सॉफ्टशेल कछुए की तस्करी से बचाव
- 6 कश्मीर में साही का खतरा एवं केसर उत्पादन पर प्रभाव
- 7 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
- 8 BRIC की पहली अनुसंधान सलाहकार बोर्ड बैठक
- 9 बाल्टिक सागर में फंसी हंपबैक व्हेल
- 10 मेक्सिको की खाड़ी में राइस व्हेल पर विलुप्ति का खतरा

