पर्यावरणीय चिंताओं ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा बदल दी है
निबंध
द दुर्गेश सिंह
महात्मा गांधी ने कहा था कि फ्प्रकृति मानव की आवश्यकताओं को तो पूरा कर सकती है परन्तु मानव के लालच को नहींय् आज मानव के इसी लालच के परिणामस्वरूप कई पर्यावरणीय चिंताएं उभरी है- जैसे वायु प्रदुषण, वैश्विक तापन, जलवायु परिवर्तन आदि।
सामान्य अर्थों में पर्यावरण हमारे जीवन को प्रभावित करने वाले सभी जैविक और अजैविक तत्वों, तथ्यों, प्रक्रियाओं और घटनाओं के समुच्चय से निर्मित इकाई है। यह हमारे चारों ओर व्याप्त है और हमारे जीवन की प्रत्येक घटना इसी के अंतर्गत संपादित होती है। साथ ही हम अपनी समस्त क्रियाओं से इस ....
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