एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग सम्मेलन
12 नवंबर, 2021 को एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (Asia-Pacific Economic Cooperation –APEC) सम्मलेन संपन्न किया गया। इस वर्ष बैठक की मेजबानी न्यूजीलैंड द्वारा की गई। कोविड-19 के प्रकोप और यात्रा प्रतिबंधों के कारण लगातार दूसरे वर्ष भी यह सम्मेलन आभासी प्रारूप में आयोजित किया गया।
सम्मलेन के मुख्य बिंदु
- एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) फोरम के नेताओं ने आपूर्तिशृंखलाओं को मजबूत करके, श्रम मुद्दों का समाधान करने और कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए आर्थिक सुधार को जारी रखने का संकल्प लिया।
- आभासी बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया जिसमें 21 सदस्यीय समूह के नेताओं ने जलवायु और पर्यावरणीय ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र के नियम और समुद्री कानून
- 2 ओपेक से बाहर हुआ यूएई: ऊर्जा भू-राजनीति के बदलते समीकरण
- 3 सिंधु जल संधि विवाद: सुरक्षा, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय जल कानून की नई चुनौतियाँ
- 4 भारत–नीदरलैंड सांस्कृतिक पुनर्स्थापन
- 5 भारत-नॉर्वे संबंध : ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
- 6 भारत-इटली स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप
- 7 रूस–चीन रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव
- 8 भारत-साइप्रस रणनीतिक साझेदारी
- 9 अमेरिकी ग्रीन कार्ड नीति परिवर्तन: भारत–अमेरिका संबंधों पर प्रभाव
- 10 भारत ने श्रीलंका में OCI कार्ड पात्रता को छठी पीढ़ी तक बढ़ाया

