पुडुचेरीः मुख्यमंत्री बनाम उपराज्यपाल
हाल ही में मद्रास उच्च न्यायालय ने केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के दिन-प्रतिदिन के प्रशासन में उप-राज्यपाल (Lieutenant Governor) के बढ़ते हस्तक्षेप के संदर्भ में कहा है कि राज्य में निर्वाचित सरकार के रहते उप-राज्यपाल द्वारा प्रशासन के कार्यों को अवरुद्ध नहीं किया जा सकता है।
मद्रास उच्च न्यायालय का निर्णय
- न्यायालय ने यह भी कहा कि उपराज्यपाल के बढ़ते हस्तक्षेप से ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य में दो समानांतर सरकारें चल रही हैं। साथ ही न्यायालय का मानना है कि केंद्र सरकार और उपराज्यपाल को शक्ति के पृथक्करण सिद्धांत का अक्षरशः पालन करना चाहिए, अन्यथा भारतीय संविधान की लोकतांत्रिक ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 जी-7 में भारत: बदलती पश्चिमी दुनिया और नई रणनीति
- 2 भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग का भविष्य
- 3 अध्यादेश और न्यायिक स्वतंत्रता
- 4 दिव्यांगजनों के लिए समान व्यवहार और अधिकार
- 5 अंतरिक्ष में कक्षीय प्रतिद्वंद्विता
- 6 जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर उच्च स्तरीय समिति : राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध प्रवासन का नया विमर्श
- 7 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 8 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 9 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 10 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 न्यायपालिका की विश्वसनीयता का संकट
- 2 राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2019 का प्रारूप
- 3 लोक सभा चुनाव 2019
- 4 विदेशी ट्रिब्यूनल का फैसला NRC पर बाध्यकारी: सुप्रीम कोर्ट
- 5 जल शक्ति मंत्रालय का गठन
- 6 भारत ‘क्राइस्टचर्च कॉल टू एक्शन’ पहल में शामिल
- 7 केन्द्रीय मंत्रिमंडल का गठन
- 8 अमेरिका-चीन टैरिफ विवाद
- 9 भारतीय व्यापार पर सुरजीत भल्ला समिति की सिफारिश
- 10 आर्कटिक परिषद का पर्यवेक्षक भारत
- 11 चागोस पर मॉरीशस के दावे को मान्यता
- 12 इबोला का दूसरा सबसे बड़ा प्रकोप
- 13 किलोग्राम सहित 4 एसआई मात्रकों में परिवर्तन
- 14 अत्यंत गंभीर उष्णकटिबंधीय चक्रवात फोनी
- 15 बेसल कन्वेंशन के पक्षकारों की 14वीं बैठक

