भारत ‘क्राइस्टचर्च कॉल टू एक्शन’ पहल में शामिल
15 मई, 2019 को भारत आतंकवाद एवं उग्रवाद का ऑनलाइन मुकाबला करने तथा इंटरनेट को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ी वैश्विक पहल ‘क्राइस्टचर्च कॉल टू एक्शन’ (Christchurch call to action) में शामिल हो हुआ। इस अभियान का उद्देश्य ऑनलाइन आतंकवाद और अतिवाद से लड़ना तथा इन्टरनेट को एक सुरक्षित स्थान बनाना है।
पृष्ठभूमि
‘क्राइस्टचर्च कॉल टू एक्शन’ पहल का नाम न्यूजीलैंड शहर क्राइस्टचर्च के नाम पर रखा गया है, जहां दो मस्जिदों में गोलीबारी में 50 से अधिक लोग मारे गए और 20 से अधिक घायल हो गए थे।
मुख्य तथ्य
- पहल को पेरिस में ‘ऑनलाइन एक्सट्रीमिज्म ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 EV क्रांति और ऊर्जा अवसंरचना की चुनौती
- 2 कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म और भारत के समक्ष चुनौतियाँ
- 3 अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर बहस
- 4 बढ़ती गर्म रातें : भारत में उभरता नया हीट संकट
- 5 SIR प्रक्रिया से नागरिकता तक: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उभरे नए प्रश्न
- 6 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार
- 7 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 8 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 9 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 10 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां
करेंट अफेयर्स के चर्चित मुद्दे
- 1 पुडुचेरीः मुख्यमंत्री बनाम उपराज्यपाल
- 2 न्यायपालिका की विश्वसनीयता का संकट
- 3 राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2019 का प्रारूप
- 4 लोक सभा चुनाव 2019
- 5 विदेशी ट्रिब्यूनल का फैसला NRC पर बाध्यकारी: सुप्रीम कोर्ट
- 6 जल शक्ति मंत्रालय का गठन
- 7 केन्द्रीय मंत्रिमंडल का गठन
- 8 अमेरिका-चीन टैरिफ विवाद
- 9 भारतीय व्यापार पर सुरजीत भल्ला समिति की सिफारिश
- 10 आर्कटिक परिषद का पर्यवेक्षक भारत
- 11 चागोस पर मॉरीशस के दावे को मान्यता
- 12 इबोला का दूसरा सबसे बड़ा प्रकोप
- 13 किलोग्राम सहित 4 एसआई मात्रकों में परिवर्तन
- 14 अत्यंत गंभीर उष्णकटिबंधीय चक्रवात फोनी
- 15 बेसल कन्वेंशन के पक्षकारों की 14वीं बैठक

