ईपीसीजी योजना के कुछ मानकों में ढील देने का निर्णय
अप्रैल 2022 में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने अनुपालन आवश्यकताओं को कम करने तथा व्यापार सुगमता में वृद्धि करने हेतु ‘निर्यात संवर्द्धन पूंजीगत वस्तु’ (Export Promotion Capital Goods- EPCG) योजना के तहत विभिन्न प्रक्रियाओं को आसान बनाया है।
- ध्यान रहे कि किसी उत्पादन प्रक्रिया में उत्पाद एवं सेवाओं के निर्माण हेतु प्रयुक्त की जाने वाली भौतिक संपत्तियों को पूंजीगत वस्तुएं कहा जाता है। इनमें भवन, मशीनरी, उपकरण, वाहन और उपकरण आदि शामिल रहते हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से पूंजीगत वस्तुओं को इनपुट अथवा आगत कहा जाता है।
निर्यात संवर्द्धन पूंजीगत वस्तु (EPCG) योजना क्या है?
वस्तुओं एवं ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सार्वजनिक बीमा रजिस्ट्री
- 2 शरावती पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजना
- 3 राष्ट्रीय जहाजरानी बोर्ड (NSB): समुद्री क्षमता का सुदृढ़ीकरण
- 4 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
- 5 कार्बी आंगलोंग अदरक
- 6 सरकारी बैंक डैशबोर्ड एवं मैनुअल पहल
- 7 अमृत भारत स्टेशन योजना
- 8 बांध सुरक्षा हेतु प्रमुख डिजिटल पहल
- 9 वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट के लिए डिजिटल ट्विन पहल
- 10 कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट (CGP)

