जलियांवाला बाग नरसंहार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 अप्रैल, 2022 को जलियांवाला बाग हत्याकांड में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका अद्वितीय साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
- जलियांवाला बाग हत्याकांड इतिहास के जघन्यतम मानवाधिकार अपराधों में है जिसने उधम सिंह जैसे युवाओं को विदेशी शासन के निर्दय चरित्र के विरुद्ध जागृत किया।
- जलियाँवाला बाग़ नरसंहार को व्यापक रूप से भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जाता है, जिसने "अंग्रेजी राज" के क्रूर और दमनकारी चेहरे को उजागर किया।
जालियांवाला बाग हत्याकांड की पृष्ठभूमि
प्रथम विश्व युद्ध (1914-18) के दौरान औपनिवेशिक ब्रिटिश सरकार ....
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