असम समझौता
- 6 जनवरी, 2019 को केंद्र सरकार ने असम समझौते के क्लॉज 6 (Clause 6) के कार्यान्वयन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) अधिसूचित की है। साथ ही समझौते के कुछ निर्णयों व बोडो समुदाय से जुड़े कुछ मामलों हेतु उपायों को मंजूरी दी है। यह निर्णय सरकार ने इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए लिया है कि असम समझौते के 35 वर्षों के बाद भी इसके खंड-6 पूरी तरह से लागू नहीं हो पाई है।
- समिति को व्यापक अधिदेश दिया गया है। इसके अध्यक्ष एम-पी- बेजबरौआ है और विभिन्न क्षेत्रें के प्रतिष्ठित असमिया व्यक्ति इसमें शामिल हैं। समिति अधिसूचना ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 समुद्री चोक पॉइंट्स: व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीति के निर्णायक द्वार
- 2 ऑनलाइन गेमिंग नियम, 2026: उभरते डिजिटल क्षेत्र का समग्र नियामक ढांचा
- 3 दल-बदल विरोधी कानून: प्रासंगिकता, खामियां और सुधार की आवश्यकता
- 4 औद्योगिक आपदाएं: कारण, लागत और समाधान
- 5 एआई के उद्भव का प्रभाव: असीम संभावनाओं की राह और जोखिमपूर्ण चुनौतियां
- 6 जल-कुशल फसल नवाचार द्वारा भूजल दबाव का न्यूनीकरण
- 7 जलवायु परिवर्तनशीलता और निर्धनता का अंतर्संबंध: भारत में उभरती बहुआयामी चुनौती
- 8 भारत में खाद्य अपव्यय का विरोधाभास: भूख से जूझते भारत में संसाधनों की विडंबना
- 9 भारत में लुप्त होती झीलें: सामाजिक-पारिस्थितिक स्थिरता के लिए एक खतरा
- 10 बाह्य अंतरिक्ष शासन: वैश्विक शक्ति-संतुलन का उभरता क्षेत्र

