भारतीय अल्पसंख्यकः संवैधानिक अधिकार एवं रक्षोपाय
संवैधानिक उपायों और सरकार की पहलों के माध्यम से भारतीय अल्पसंख्यकों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करके उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सकता है।
- वित्त वर्ष 2020-21 के लिए पेश किए बजट में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रलय को 5029 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो कि पिछली बार किए गए आवंटन की तुलना से 329 करोड़ रुपये अधिक है। अल्पसंख्यकों की चिंताओं को प्रमुखता में रखने और सबका साथ सबका विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार का यह एक महत्वपूर्ण कदम है। भारत में मुस्लिम, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी समुदाय को ....
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