अरोमा मिशन के तहत बैंगनी क्रांति
जनवरी 2022 में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह ने कहा कि बैंगनी क्रांति (Purple Revolution) जम्मू-कश्मीर का ‘‘स्टार्ट-अप इंडिया” में एक प्रमुख योगदान है। उन्होंने किसानों की आय को बढ़ावा देने के लिए जम्मू और कश्मीर के लिए ‘एकीकृत अरोमा डेयरी उद्यमिता’ (Integrated Aroma Dairy Entrepreneurship) का प्रस्ताव दिया है।
- जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश के पशुपालन और डेयरी संसाधनों को अरोमा मिशन के साथ एकीकृत किया जा सकता है, जिसे केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तत्वावधान में सीएसआईआर (CSIR - Council of Scientific & Industrial Research) द्वारा जम्मू-कश्मीर में पहले ही आरंभ किया जा चुका है।
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सार्वजनिक बीमा रजिस्ट्री
- 2 शरावती पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजना
- 3 राष्ट्रीय जहाजरानी बोर्ड (NSB): समुद्री क्षमता का सुदृढ़ीकरण
- 4 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
- 5 कार्बी आंगलोंग अदरक
- 6 सरकारी बैंक डैशबोर्ड एवं मैनुअल पहल
- 7 अमृत भारत स्टेशन योजना
- 8 बांध सुरक्षा हेतु प्रमुख डिजिटल पहल
- 9 वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट के लिए डिजिटल ट्विन पहल
- 10 कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट (CGP)

