हिमालय में ब्लैक कार्बन का बढ़ता स्तर
वाडिया इंस्ट्टयूट ऑफ हिमालयन जियालॉजी (WING) के वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में किये गए एक शोध के अनुसार, गर्मी के मौसम में गंगोत्री हिमनद में सामान्य से 400 गुना अधिक ‘ब्लैक कार्बन’ की सांद्रता बढ़ गई है। इसका कारण कृषि अवशेष का जलाया जाना, जंगल में लगने वाली आग आदि हैं। इसके कारण हिमनद के पिघलने की दर में वृद्धि हो गई है।
- ब्लैक कार्बन की सर्वाधिक सांद्रता मई के महीने में एवं सबसे कम सांद्रता अगस्त के महीने में पाई गयी। इसकी सांद्रता शीतकाल में 0.01 ug/m3 एवं ग्रीष्मकाल में 4.62 ug/m3 होती है। अभी तक हिमालय के इस क्षेत्र ....
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