विनियोग विधेयक
17 मार्च, 2021 को लोकसभा द्वारा विनियोग विधेयक 2021-22 (Appropriation Bill 2021-22) पारित किया गया। यह सरकार को अपने काम-काज तथा अपने कार्यक्रमों और योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) से धन निकालने का अधिकार देता है।
- यह विधेयक लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला द्वारा ‘गिलोटिन’(Guillotine) प्रक्रिया के अंतर्गत वर्गीकृत करने के पश्चात पारित किया गया। ‘गिलोटिन’सदन में बगैर चर्चा के बकाया अनुदानों संबंधी मांगों को तत्काल पारित करने के लिए एक विधायी प्रक्रिया है।
विनियोग विधेयक क्या है?
- यह एक धन विधेयक है जो सरकार को किसी वित्तीय वर्ष के दौरान अपने खर्चों ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 सार्वजनिक बीमा रजिस्ट्री
- 2 शरावती पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजना
- 3 राष्ट्रीय जहाजरानी बोर्ड (NSB): समुद्री क्षमता का सुदृढ़ीकरण
- 4 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955
- 5 कार्बी आंगलोंग अदरक
- 6 सरकारी बैंक डैशबोर्ड एवं मैनुअल पहल
- 7 अमृत भारत स्टेशन योजना
- 8 बांध सुरक्षा हेतु प्रमुख डिजिटल पहल
- 9 वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट के लिए डिजिटल ट्विन पहल
- 10 कैप्टिव जनरेटिंग प्लांट (CGP)

