भारत में पशुधन विकास
27 मार्च, 2022 को केंद्र सरकार ने पशुधन से संबंधित हितधारकों से आह्वान किया है कि वे देश में क्षेत्र-विशिष्ट ‘पशु रोग मुक्त क्षेत्रों’ (Animal disease free areas) के निर्माण की दिशा में कार्य करें, जिससे मूल्यवर्द्धित मांस उत्पादों (value added meat products) के निर्यात को बढ़ावा दिया जा सके।
पशु रोग मुक्त क्षेत्र : आवश्यकता एवं महत्व
- जब किसी क्षेत्र विशेष में किसी विशिष्ट बीमारी से सुरक्षित तथा उपयुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं से परिपूर्ण पशु जनसंख्या उपलब्ध होती है तो उस क्षेत्र को ‘पशु रोग-मुक्त क्षेत्र’ कहा जाता है।
- पशुपालन को मिश्रित कृषि अर्थव्यवस्था (Mixed farming economy) का एक अभिन्न अंग ....
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 राष्ट्रीय सहकारी चीनी मिल महासंघ लिमिटेड (NFCSF)
- 2 निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष प्राधिकरण (IEPFA)
- 3 SIDBI में ₹5,000 करोड़ के इक्विटी निवेश को मंज़ूरी
- 4 PSGICs, NABARD और RBI के लिए वेतन और पेंशन में संशोधन
- 5 BIS का स्थापना दिवस नई पहलों के साथ मनाया गया
- 6 इंडिया एनर्जी वीक 2026
- 7 भारत बना विश्व का सबसे बड़ा चावल उत्पादक
- 8 क्रेडिट असेसमेंट मॉडल
- 9 संपन्न (SAMPANN)
- 10 करन फ्राइज़ और वृन्दावनी गोवंश नस्लें
- 1 रिमोट सेंसिंग क्रॉप मॉडल
- 2 सागर परिक्रमा कार्यक्रम
- 3 ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स
- 4 यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म
- 5 ‘संभव’ तथा ‘स्वावलंबन’ पहल
- 6 माइक्रोफाइनेंस हेतु आरबीआई का नियामक ढांचा
- 7 मुद्रास्फीति का मापन : थोक मूल्य सूचकांक एवं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
- 8 भारत-कनाडा : मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता
- 9 विंग्स इंडिया-2022
- 10 भारत में लॉटरी, जुआ और सट्टेबाज़ी संबंधी मुद्दे

