माइक्रोफाइनेंस हेतु आरबीआई का नियामक ढांचा
मार्च 2022 में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने माइक्रोफाइनेंस संस्थानों (Microfinance Institutions-MFI) को उनके द्वारा उधारकर्त्ताओं से वसूली जाने वाली ब्याज दरों के निर्धारण की स्वतंत्रता प्रदान की। किंतु आरबीआई ने कहा है कि इस प्रकार की ब्याज दरें निश्चित सीमा के अंतर्गत रहनी चाहिए।
- आरबीआई के यह दिशानिर्देश 1 अप्रैल, 2022 से प्रभावी हों गए। पूर्व में वर्ष 2001 में भी आरबीआई ने माइक्रोफाइनेंस संस्थानों को इसी प्रकार की छूट देने का प्रस्ताव किया था।
|
पीटी फैक्ट माइक्रोफाइनेंस संस्थान (MFI)
|
क्या आप और अधिक पढ़ना चाहते हैं?
तो सदस्यता ग्रहण करें
इस अंक की सभी सामग्रियों को विस्तार से पढ़ने के लिए खरीदें |
पूर्व सदस्य? लॉग इन करें
वार्षिक सदस्यता लें
सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल के वार्षिक सदस्य पत्रिका की मासिक सामग्री के साथ-साथ क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स पढ़ सकते हैं |
पाठक क्रॉनिकल पत्रिका आर्काइव्स के रूप में सिविल सर्विसेज़ क्रॉनिकल मासिक अंक के विगत 6 माह से पूर्व की सभी सामग्रियों का विषयवार अध्ययन कर सकते हैं |
संबंधित सामग्री
- 1 Paytm Payments Bank का लाइसेंस रद्द: RBI की बड़ी कार्रवाई
- 2 सेवा क्षेत्र को मापने के लिए नया सेवा उत्पादन सूचकांक
- 3 RBI का नया एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस ढांचा: बैंकों में बड़ा बदलाव
- 4 जल-ऊर्जा-खाद्य संकट: भारत के लिए बढ़ती चुनौती
- 5 विदेशी मुद्रा संकट और भारत की मितव्ययिता नीति
- 6 भारत द्वारा सोना एवं चांदी पर आयात शुल्क वृद्धि
- 7 चीनी निर्यात प्रतिबंध : खाद्य सुरक्षा और मुद्रास्फीति प्रबंधन की उभरती चुनौतियाँ
- 8 बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें – भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
- 9 भारत का FDI परिदृश्य 2025-26 : पूंजी पुनर्प्रत्यावर्तन और बाह्य क्षेत्रीय दबाव
- 10 पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना
- 1 रिमोट सेंसिंग क्रॉप मॉडल
- 2 भारत में पशुधन विकास
- 3 सागर परिक्रमा कार्यक्रम
- 4 ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स
- 5 यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म
- 6 ‘संभव’ तथा ‘स्वावलंबन’ पहल
- 7 मुद्रास्फीति का मापन : थोक मूल्य सूचकांक एवं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक
- 8 भारत-कनाडा : मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता
- 9 विंग्स इंडिया-2022
- 10 भारत में लॉटरी, जुआ और सट्टेबाज़ी संबंधी मुद्दे

